मथुरा में मर्दों को लाठी से जमकर पीटती हैं सुहागनें, जानिए क्यूं होता है ऐसा

मथुरा. वर्ल्ड फेमस बरसाना की लठमार होली इस बार न खेले जाने की चर्चा शुरू हो गई है। कुछ दिनों पहले अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर स्टारर फिल्म 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' में लठमार होली के कुछ सीन शूट होने हैं। इसके लिए नंदगांव के कुछ लोग अपनी पत्न‍ियों के साथ बाहर शूट के लिए गए हैं। इससे गोस्वामी समाज नाराज है।आपको लठमार होली के बारे में बताने जा रहा है।
- लठमार होली फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है। नंदगांव के लोग (हुरियारे) होली खेलने के लिए राधा रानी के गांव पहुंचते हैं।
- इस दौरान औरतें हाथ में ली हुई लाठियों से उन्हें पीटना शुरू कर देती हैं और पुरुष खुद को बचाने के लिए भागते हैं।
- मान्यता है कि बरसाने की औरतों (हुरियारिनें) की लाठी जिसके सिर पर छू जाए, वह सौभाग्यशाली माना जाता है।
- इस दौरान श्रद्धालु नेग में हुरियारिनों को रुपए और गिफ्ट भी देते हैं।
- ऐसी मान्यता है कि कृष्ण अपने सखाओं के साथ राधारानी और उनकी सखियों से होली खेलने जाते थे।
- इस पर वे ग्वाल बालों पर डंडे बरसाया करती थीं।
- इससे बचने के लिए वे ढालों का प्रयोग करते थे।
- धीरे-धीरे यह होली की परंपरा बन गई, जो आज तक चली आ रही है।

क्या है पूरा मामला

- फिल्म फिल्म 'टॉयलेट-एक प्रेम कथा' में लठमार होली के सीन के लिए नंदगांव के 20 गोस्वामी अपनी पत्नियों के साथ भोपाल गए हैं।
- बरसाना के गोस्वामियों को जब इसका पता चला तो आधा दर्जन से अधिक गोस्वामियों का प्रतिनिधिमंडल नंदगांव पहुंचा।
- यहां बैठक में धमकी दी कि अगर नंदगांव के लोगों ने लठमार होली की शूटिंग में हिस्‍सा लिया तो वे नंदगांव के लोगों के साथ होली नहीं खेलेंगे।


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