बनारस में एक ही दिन मोदी, राहुल-अखिलेश-डिंपल का रोड शो, ऐसे हुआ प्रचार

वाराणसी.यूपी में सातवें फेज की वोटिंग से पहले सभी दलों के लिए प्रचार का फोकस बनारस और उसके आसपास की सीटों पर है। नरेंद्र मोदी ने बनारस में करीब साढ़े तीन घंटे का रोड शो किया। उन्होंने भगवान विश्वनाथ और कालभैरव के दर्शन किए। कुछ देर में वे सभा को भी एड्रेस कर सकते हैं। मोदी के साथ उनकी कैबिनेट के 11 मंत्री सोमवार तक बनारस में रहेंगे। इससे पहले मोदी का 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान वाराणसी में रोड शो हुआ था। मोदी के बाद अखिलेश यादव-राहुल गांधी ने भी रोड शो क‍िया। शो के बीच में उन्हें डिंपल यादव ने ज्वाइन क‍िया। रोड शो के बाद तीनों नेताओं ने भी काशी व‍िश्वनाथ मंदिर में दर्शन क‍िया।




 1) 2 मंदिरों में गए, मुस्लिमों से मिली शॉल माथे पर लगाई
- बनारस मोदी का संसदीय क्षेत्र है। रोड शो बीएचयू के सिंहद्वार से रविदास गेट, लंका, अस्सी, भदैनी, सोनारपुरा, मदनपुरा, गोदौलिया, बांस फाटक से जनदर्शन करते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचा, जहां पीएम ने पूजा-अर्चना की।

- मोदी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद मंदिर से चौक, नीची बाग, मैदागिन, कोतवाली विशेश्वरगंज, गुजरात विद्या मंदिर होते हुए कालभैरव मंदिर पहुंचे।
- मोदी का रोड शो मदनपुरा में 30 मिनट के लिए था। यहां मोदी ने बावनी के सरदार हाजी मुख्तार अहमद महतो के दिए गुलदस्ते और शॉल को एसपीजी से कहकर मंगवा लिया। शॉल को मोदी ने माथे से लगाते हुए सिर पर रख लिया। उन्होंने कहा- ''हर मुसलमान मेरा भाई है, देश की तरक्की में आप सभी आगे आएं
2) बुजुर्ग विधायक को अपने साथ दर्शन के लिए ले गए मोदी
- मोदी जब विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे तो उनकी नजर बीजेपी नेताओं के बीच खड़े श्यामदेव राय चौधरी पर पड़ी। मोदी एसपीजी घेरा तोड़कर आगे आए और चौधरी का हाथ थाम उन्हें मंदिर के अंदर ले गए। दर्शन के दौरान चौधरी मोदी के साथ ही रहे। बता दें कि चौधरी को इस बार बीजेपी ने टिकट नहीं दिया था।
- चौधरी सात बार बनारस से विधायक रहे। लेकिन इस बार उनकी जगह बीजेपी ने नीलकंठ तिवारी को टिकट दिया है।
- बता दें कि मोदी तीन दिन अपने संसदीय क्षेत्र में रहेंगे। वे रविवार को स्टे करेंगे। रविवार को वे काशी विद्यापीठ इलाके में रैली करेंगे और DLW में लोगों से मुलाकात करेंगे। कैम्पेनिंग के आखिरी दिन यानी सोमवार को वे रोहनिया और सेवापुरी में रैली करेंगे। बता दें कि अमित शाह भी पहले से वाराणसी में मौजूद हैं।
3) अखिलेश-डिंपल, राहुल ने विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए, रोड शो के दौरान बिजली गुल
- मोदी के बाद वाराणसी में अखिलेश और राहुल ने भी रोड शो किया। ये रोड शो अंबेडकर चौराहे से शुरू होकर नदेसर, चौकाघाट, गोलगड्डा, पीलीकोठी, मैदागिन और चौक होते हुए गोदौलिया-गिरजाघर चौराहे पर खत्म हुआ। इस बीच ड‍िंपल यादव ने भी दोनों नेताओं को रोड शो में ज्वाइन क‍िया। इसके बाद तीनों नेताओं ने काशी व‍िश्वनाथ मंदिर में दर्शन क‍िया।
- रोड शो के दौरान लाइट भी चली गई। हालांकि, बाद में लाइट आ गई। रोड शो ने शहर की तीन विधानसभा सीटों उत्तरी, दक्षिणी और कैंट को कवर क‍िया।
- शो के बीच में सपा और बीजेपी वर्कर्स के बीच पथराव हुआ। इसकी वजह यह थी कि शहर में मोदी की मौजूदगी के चलते जगह-जगह बीजेपी के पोस्टर्स लगे हुए थे।
4) मायावती
- मोदी और राहुल-अखिलेश के अलावा मायावती भी शनिवार को वाराणसी में हैं। मायावती ने यहां एक रैली में कहा कि अखिलेश-राहुल और मोदी के रोड शो में जो भीड़ दिख रही है, वो उनके समर्थक नहीं, बल्कि केवल देखने वाले लोग हैं।
- उन्होंने कहा, "सपा परिवार में जो दरार पड़ी है, वो उनकी हार का कारण बनेगी। सपा, कांग्रेस और बीजेपी दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर रहेंगी।"
- "क्या कारण है कि बीजेपी ने अभी तक प्रदेश में सीएम कैंडिडेट का एलान नहीं किया? मोदी के मंत्री बनारस में कैम्पेन कर रहे हैं। इससे भी बीजेपी को मदद नहीं मिलेगी।"

5) मोदी के ये 11 मंत्री बनारस में
- राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, पीयूष गोयल, रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, संतोष गंगवार, कलराज मिश्र, वेंकैया नायडू, जेपी नड्डा, अनुप्रिया पटेल और महेेंद्र पांडे में भी दो दिन वाराणसी और उसके आसपास के इलाकों में एक्टिव रहेंगे अौर प्रचार में पूरा जोर लगाएंगे।
बनारस में कितनी विधानसभा सीटें?
- वाराणसी में 8 विधानसभा सीटें हैं। इनमें पिंडरा- कांग्रेस, अजगरा (सु)- बसपा, शिवपुर-बसपा, वाराणसी उत्तरी-बीजेपी, वाराणसी दक्षिणी- बीजेपी, वाराणसी कैंट- बीजेपी, सेवापुरी-सपा के पास है।
- वहीं, रोहनिया सीट 2012 में अपना दल के पास थी, लेकिन बाई इलेक्शन में ये सीट सपा के पास चली गई। इस तरह कांग्रेस के पास, बसपा के पास 2, बीजेपी के पास 3 और सपा के पास 2 सीटें हैं।
बनारस पर फोकस क्यों?
- सीनियर जर्नलिस्ट श्रीधर अग्निहोत्री ने बताया कि बनारस पर फोकस की एक वजह तो ये है कि वाराणसी मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जबकि बीजेपी का प्लान था कि पश्चिम के चुनाव पर दिल्ली से फोकस किया जाएगा।
- मध्य यूपी के चुनाव में बड़े नेताओं ने लखनऊ में डेरा डाल रखा था। इसी तरह, पूर्वांचल की 89 सीटों के लिए बड़े नेताओं ने वाराणसी में डेरा डाला हुआ है। वाराणसी से ही नेता पूर्वांचल के बाकी जिलों पर भी फोकस करेंगे।
- बनारस पर फोकस की एक वजह ये भी है कि वाराणसी में अभी 3 सीटें ही बीजेपी के पास हैं। ऐसे में, वाराणसी में सीटों की संख्या बढ़ाने पर बीजेपी नेताओं का ज्यादा जोर है। साथ ही, पूर्वांचल की 89 सीटें ही बीजेपी का यूपी में भविष्य तय करेंगी।
 


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