राम मंदिर विवाद सुलझाने के लिए पिछले 30 साल में 8 बार हुई कोशिशें
नई दिल्ली. राम मंदिर विवाद को सुलझाने की बीते 30 साल में 8
कोशिशें हुईं लेकिन ये सभी नाकाम रहीं। 1986 में पहली बार तब के कांची
कामकोटि शंकराचार्य ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बातचीत की लेकिन वो किसी
नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद पीएम रहे चंद्रशेखर, पीवी नरसिम्हाराव,
अटल बिहारी वाजपेयी की समय भी कोशिशें हुईं।
1# 1986
- कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रेसिडेंट अली मियां नदवी के बीच बातचीत हुई। लेकिन वो किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
1# 1986
- कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रेसिडेंट अली मियां नदवी के बीच बातचीत हुई। लेकिन वो किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
2# 1990
- तब पीएम रहे चंद्रशेखर ने दोनों (हिंदू-मुस्लिम) समुदायों के बीच गतिरोध तोड़ने की कोशिश की। ये बातचीत उस वक्त टूट गई, जब वीएचपी वालंटियर्स पर मस्जिद के एक हिस्से को तोड़ने का आरोप लगा।
- तब पीएम रहे चंद्रशेखर ने दोनों (हिंदू-मुस्लिम) समुदायों के बीच गतिरोध तोड़ने की कोशिश की। ये बातचीत उस वक्त टूट गई, जब वीएचपी वालंटियर्स पर मस्जिद के एक हिस्से को तोड़ने का आरोप लगा।
3# दिसंबर 1992
- बाबरी मस्जिद ढांचे को गिराए जाने (6 दिसंबर, 1992) के 10 दिन बाद पीएम रहे पीवी नरसिम्हाराव ने जस्टिस लिब्रहान की अगुवाई में एक जांच कमीशन का गठन किया। कमीशन ने 17 साल बाद 2009 में अपनी रिपोर्ट पेश की।
- इसे सही मायने में सुलह की कोशिश माना जा सकता है। हालांकि इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला।
- बाबरी मस्जिद ढांचे को गिराए जाने (6 दिसंबर, 1992) के 10 दिन बाद पीएम रहे पीवी नरसिम्हाराव ने जस्टिस लिब्रहान की अगुवाई में एक जांच कमीशन का गठन किया। कमीशन ने 17 साल बाद 2009 में अपनी रिपोर्ट पेश की।
- इसे सही मायने में सुलह की कोशिश माना जा सकता है। हालांकि इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला।
4# जून 2002
- अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने ऑफिस में एक अयोध्या सेल बनवाई और उसमें पार्टी के सीनियर पदाधिकारी शत्रुघ्न सिंह को अप्वाइंट किया।
- सेल को इसलिए बनाया गया था ताकि वह हिंदू और मुस्लिम लीडर्स से बात कर सके। लेकिन ये कोशिश भी कामयाब नहीं हो पाई।
- अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने ऑफिस में एक अयोध्या सेल बनवाई और उसमें पार्टी के सीनियर पदाधिकारी शत्रुघ्न सिंह को अप्वाइंट किया।
- सेल को इसलिए बनाया गया था ताकि वह हिंदू और मुस्लिम लीडर्स से बात कर सके। लेकिन ये कोशिश भी कामयाब नहीं हो पाई।
5# अप्रैल 2015
- ऑल इंडिया हिंदू महासभा के प्रेसिडेंट स्वामी चक्रपाणि और मुस्लिमों की ओर दायर पिटीशंस की अगुआई करने वाले मोहम्मद हाशिम अंसारी के बीच मुलाकात हुई। हालांकि इस मुलाकात के बाद कोई खास पहल नहीं हुई।
- अंसारी ने हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत ज्ञान दास से बातचीत की शुरुआत की। इसमें प्लान था कि विवादित 70 एकड़ की जमीन पर मंदिर और मस्जिद बनाई जाए। दोनों के बीच 100 फीट की दीवार रहेगी।
- ऑल इंडिया हिंदू महासभा के प्रेसिडेंट स्वामी चक्रपाणि और मुस्लिमों की ओर दायर पिटीशंस की अगुआई करने वाले मोहम्मद हाशिम अंसारी के बीच मुलाकात हुई। हालांकि इस मुलाकात के बाद कोई खास पहल नहीं हुई।
- अंसारी ने हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत ज्ञान दास से बातचीत की शुरुआत की। इसमें प्लान था कि विवादित 70 एकड़ की जमीन पर मंदिर और मस्जिद बनाई जाए। दोनों के बीच 100 फीट की दीवार रहेगी।
6# मई 2016
- ऑल इंडिया अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने अंसारी के साथ मुलाकात की। बातचीत आगे बढ़ती, इसके पहले ही अंसारी का निधन हो गया।
- ऑल इंडिया अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने अंसारी के साथ मुलाकात की। बातचीत आगे बढ़ती, इसके पहले ही अंसारी का निधन हो गया।
7# नवंबर 2016
- हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस पलक बसु ने कोर्ट के बाहर सेटलमेंट का सुझाव रखा। इसमें 10 हजार हिंदू और मुसलमानों के साइन किया हुआ प्रपोजल फैजाबाद कमिश्नर के सामने रखा गया।
- सेटलमेंट के लिए सारे डॉक्युमेंट सुप्रीम कोर्ट में रखे जा चुके हैं।
- हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस पलक बसु ने कोर्ट के बाहर सेटलमेंट का सुझाव रखा। इसमें 10 हजार हिंदू और मुसलमानों के साइन किया हुआ प्रपोजल फैजाबाद कमिश्नर के सामने रखा गया।
- सेटलमेंट के लिए सारे डॉक्युमेंट सुप्रीम कोर्ट में रखे जा चुके हैं।

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